धरती का सीना चीर कर अवैध खनन की आंच पहुची अखिलेश यादव के दरवाजे तक .. IAS चन्द्रकला पहले से ही आ चुकी हैं दायरे में

केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने समाजवादी पार्टी सरकार में हुए खनन घोटाले में शनिवार को आईएएस बी. चंद्रकला के लखनऊ स्थित आवास और हमीरपुर, कानपुर समेत प्रदेश भर में 14 ठिकानों में छापेमारी की। इस मामले बी. चंद्रकला समेत कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं इस मामले की आंच अखिलेश यादव तक पहुंचती दिख रही है। दरअसल 2012 और 2013 में खनन मंत्रालय तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पास था।

आने वाले लोकसभा चुनावो से पहले अपनी और अपनी पार्टी की छवि को मजबूत करने के लिए तमाम प्रकार के प्रयास करते अखिलेश यादव का नाम आना उनके साथ उनकी पार्टी के लिए भी किसी सदमे से कम नहीं है .  उत्तर प्रदेश में सीबीआई ने अवैध खनन के मामले में शनिवार को छापेमारी की। यह कार्रवाई 2012 हमीरपुर खनन घोटाले के मामले में की गई। बी. चंद्रकला के आवास के अलावा सीबीआई ने लखनऊ, नोएडा, हमीरपुर, जालौन और कानपुर में बसपा और सपा नेताओं के घर पर भी छापे मारे गए.

सूत्रों का कहना है कि यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खिलाफ भी जांच की जाएगी। बता दें कि साल 2012 से 2017 के बीच खनन मंत्रालय अखिलेश यादव के ही पास था, जो उस समय प्रदेश के मुख्यमंत्री भी थे। अखिलेश के साथ-साथ उस अवधि में जितने भी मंत्री थे, सभी जांच के दायरे में आएंगे।यूपी के हमीरपुर में हुए अवैध खनन के मामले में सीबीआई ने शनिवार को तत्कालीन डीएम बी। चन्द्रकला के लखनऊ आवास पर छापा मारा। टीम ने घर से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। सफायर अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 101 में सीबीआई की टीम ने छापेमारी की।बता दें कि अखिलेश यादव की सरकार में आईएएस अधिकारी बी। चंद्रकला की पोस्टिंग पहली बार हमीरपुर जिले में जिलाधिकारी के पद पर की गई थी। आरोप है कि इस आईएएस ने जुलाई 2012 के बाद हमीरपुर जिले में 50 मौरंग के खनन के पट्टे किए थे, जबकि ई-टेंडर के जरिये मौरंग के पट्टों पर स्वीकृति देने का प्रावधान था, लेकिन बी। चंद्रकला ने सारे प्रावधानों की अनदेखी की थी।

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