राफेल विवाद पर अब आया वायुसेना का बयान… वो बयान जिसे सुन मौन होंगे राफेल पर हल्ला मचाने वाले

राफेल विमान की डील पर मचे राजनैतिक घमासान के बीच भारतीय वायुसेना ने बड़ा बयान दिया है. भारतीय वायुसेना की तरफ से आया ये बयान उन लोगों को जवाब है जो राफेल को राजनैतिक मुद्दा बना रहे हैं तथा तमाम सवाल खड़े कर रहे हैं. भारतीय वायुसेना का कहना है कि उसे किसी भी कीमत पर राफेल चाहिए तथा राफेल की ये डील पहले वाली डील से बेहतर है. आपको बता दें कि भारतीय वायु सेना के उप प्रमुख एयर मार्शल रघुनाथ नंबियार ने हाल ही में राफेल विमान को उड़ाया तथा इसकी जमकर तारीफ की है. एयर मार्शल रघुनाथ का कहना है कि मुझे राफेल उड़ाने का मौका मिला, ये बहुत शानदार है और हम इससे संतुष्ट है.

वायु सेना के उप प्रमुख एयर मार्शल रघुनाथ नंबियार से जब पूंछा गया कि इसमें 30,000 करोड़ का ऑफसेट कॉन्ट्रैक्ट है और अनिल अंबानी को फायदा मिला है. तो उन्होंने कहा कि नहीं, मुझे लगता है कि लोगों को गलत जानकारी दी गई है, इसमें ऑफसेट के नाम पर 30,000 करोड़ की बात नहीं है. जो dassault है वह सिर्फ 6500 करोड़ का ही कॉन्ट्रैक्ट देगी, उससे ज्यादा का नहीं.  जब उनसे सवाल किया गया कि फ्रैंच मीडिया में कहा जा रहा है कि अनिल अंबानी की कंपनी को फायदा पहुंचाया गया है. इस पर उन्होंने कहा कि जो डील 2008 में की जा रही थी, ये उससे कई ज्यादा अच्छी डील है. चाहे वो दाम हो या फिर अन्य चीज़ें हो. इसमें हमें अच्छी तकनीक, मेंटेनेंस सबकुछ मिल रही है.

एयर मार्शल रघुनाथ नंबियार के अलावा एयरफोर्स के डिप्टी चीफ शिरीष बबन देव ने भी इस डील की तारीफ की. उन्होंने कहा कि राफेल का प्रोडक्शन शुरू हो चुका है, इससे सिर्फ राफेल ही नहीं बल्कि किसी भी जहाज का पुर्जा बनाया जा सकता है.  इस डील को रिलायंस को क्यों दिया गया इस सवाल पर डिप्टी चीफ देव ने कहा कि ये बात कमर्शियल है, जो फ्रैंच कंपनी है उनको पता है कि ये ऑफसेट कॉन्ट्रैक्ट है. अब उसे कैसे सर्विस करना है, किसके पास जाना है. ये सरकार दबाव नहीं डाल सकती है. उन्होंने कहा कि नियम के मुताबिक सरकार उनपर दबाव नहीं डाल सकती क्योंकि वो मानते नहीं, अब क्योंकि उनका Commercial Survival At Stake है तो आपको कंपनी चलानी है या फिर सरकार के दबाव में कंपनी दबाओगे. राफेल पर चल रहे विवाद से क्या एयरफोर्स को नुकसान होगा. इस सवाल पर उन्होंने कहा कि विवाद से एयरफोर्स को कोई नुकसान नहीं होगा, लेकिन अगर राफेल नहीं आता है तो एयरफोर्स को जरूर नुकसान हो सकता है. हमें तो किसी भी कीमत पर राफेल चाहिए तथा ये वाली डील पहले वाली डील से बेहतर है.

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