शुरू हुआ जातिवाद जहरीलों का हिसाब… अब तक 43 पुलिस के शिकंजे में, कई फरार

महाराष्ट्र में जातीय हिंसा फैलाने वालों की धर-पकड़ पुलिस ने और तेज कर दी है। अब उन लोगो की खैर नहीं जिन्होंने हिन्दुओं को तोड़ने की कोशिश की थी। पुणे पुलिस ने भीमा कोरेगांव जातीय हिंसा के मामले में 43 लोगों को गिरफ्तार किया है। अन्य आरोपियों के खिलाफ भी पुलिस ने कड़ी जाँच शुरू कर दी है। पुलिस बिभाग घटना में संलिप्त सभी आरोपियों को वीडियो फुटेज के आधार पर पकड़ेगा जिसके लिए टीम ने 2000 से ज्यादा वीडियो जुटाए है।

 

पुलिस ने बताया की उन्होंने तीन जनवरी को महाराष्ट्र बंद के दौरान तोड़-फोड़ की घटनाओं से जुड़े 2,000 से ज्यादा वीडियो फुटेज जुटाए हैं। जिसके आधार पर पुलिस उपद्रवियों की खोजबीन कर रही है। बता दें की पुलिस ने जिन ४३ लोगों को गिरफ्तार किया है जिनमे तीन नाबालिग भी शामिल हैं। पुणे जिले के भीमा कोरेगांव में शौर्य जयंती मनाकर लौट रहे दलितों के साथ हुई मारपीट के दो दिन बाद दलित नेता और भरीप बहुजन महासंघ अध्यक्ष प्रकाश अंबेडकर ने राज्यभर में बंद का एलान किया था।

कोरेगांव में हिंसा के बाद महाराष्ट्र में मुंबई सहित विभिन्न स्थानों पर बंद के दौरान तोड़-फोड़ और आगजनी की घटनाएं हुई थी।

पुणे ग्रामीण पुलिस मुख्यालय से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “हमने 2,000 से ज्यादा वीडियो रिकॉर्डिंग जुटाए हैं। ये रिकॉर्डिंग या तो पुलिस कर्मियों ने अपने मोबाइल फोन के वीडियो कैमरे से कैद किए हैं या सीसीटीवी कैमरे के हैं। “उन्होंने कहा, “विभिन्न तबकों के लोग इन उपद्रवियों को पहचानने में हमारी मदद कर रहे हैं। ” इसी बीच सरकार ने राहुल फतंगले के परिवार को 10 लाख रुपये का चेक सौंपा है। फतंगले की मौत एक जनवरी को भीमा कोरेगांव में हिंसा के दौरान हो गई थी। 

Share This Post

Leave a Reply