कुछ देशों ने स्वागत किया था ISIS में भर्ती हुए आतंकियों के वापस आने पर.. लेकिन ये रहा अमेरिकी एक्शन सीरिया गई एक लड़की के खिलाफ

कथित शान्ति तथा मानवता के नाम पर दुनिया के कई देशों के इस्लामिक आतंकी दल ISIS में शामिल हुए आतंकियों की घर वापसी पर स्वागत किया था. इन देशों ने कहा था कि जो लोग कभी ISIS में शामिल होकर आतंकी बन गये थे वो अगर आतंक का दामन छोड़कर वापस आना चाहते हैं तो उनका स्वागत किया जाएगा. लेकिन दुनिया का सबसे शक्तिशाली मुल्क अमेरिका इसके खिलाफ खड़ा हो गया है. अमेरिका ने साफ़ कर दिया है कि उसके देश की जो महिला ISIS में शामिल हो गई थी, वह उसको वापस अमेरिका में नहीं घुसने देगा.

अमेरिका का कहना है कि वह सीरिया लौटने की इच्छुक, इस्लामिक स्टेट की उस जिहादी को वापस नहीं लेगा जो अमेरिकी मूल की है. अमेरिका ने दो टूक कहा है कि यह युवती अब उसकी नागरिक नहीं है. बता दें कि अमेरिका में पैदा हुई होदा मुथाना नामक महिला 2014 में इस्लामिक स्टेट में शामिल हो गई थी. होदा मुथाना अब घर लौटना चाहती है लेकिन अमेरिका इसके लिए तैयार नहीं है. अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने एक बयान में कहा, ‘होदा मुथाना अमेरिकी नागरिक नहीं है और उसे अमेरिका में स्वीकार नहीं किया जाएगा.’ उन्होंने कहा, ‘उसके पास कोई कानूनी आधार, वैध अमेरिकी पासपोर्ट, पासपोर्ट हासिल करने का अधिकार और अमेरिका की यात्रा करने के लिए वीजा या उसका अधिकार नहीं है.’ पॉम्पियो ने कहा, ‘हम सभी अमेरिकी नागरिकों को सीरिया की यात्रा न करने की सलाह देते हैं.’

2014 के आखिर में सीरिया जाने के कुछ ही समय बाद होदा ने ट्विटर पर चार महिलाओं की एक तस्वीर पोस्ट की. ये महिलाएं अपने पश्चिमी पासपोर्ट जलाती नजर आ रही थीं. इनमें से एक अमेरिकी पासपोर्ट था. सोशल मीडिया के जरिए होदा ने अमेरिकियों की जान लेने, चरमपंथी समूह का महिमामंडन करने जैसी अपीलें की थीं. अब सीरिया तथा ईराक में ISIS की पकड़ कमजोर पड़ने के बाद होदा ने ‘द गार्डियन’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि वह चरमपंथ की निंदा करती है और अपने घर वापस जाना चाहती है. अमेरिका के सहयोगी कुर्द लड़ाकों द्वारा पकड़ी गई होदा ने कहा कि ऑनलाइन माध्यम से उसे प्रभावित किया गया था और उग्रवादियों का समर्थन करने की वजह से उसे खुद पर शर्म आती है. उसका तीन बार पुरुष जिहादियों के साथ विवाह किया गया और अब वह एक बच्चे की मां है.

मुथाना और उसका बेटा इस समय आईएस छोड़कर भागे दो अन्य लोगों के साथ सीरिया में एक शरणार्थी शिविर में रह रहे हैं. इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को ट्वीट किया था कि वह उन्हें प्रवेश नहीं देने के फैसले का समर्थन करते हैं. उन्होंने ट्वीट किया कि “मैंने विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ को निर्देश दिया है, और वह पूरी तरह से सहमत हैं कि हुदा को दोबारा देश में प्रवेश नहीं दिया जाए.

Share This Post