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क्या घुटने टेक दिए अरब ने इजराइल के आगे ? जिस इजराइली मंत्री ने अजान की तौहीन की थी, उसको बना रहा अपना मेहमान

क्या अरब इस्लामिक देशों के सबसे बड़े दुश्मन कहे जाने वाले इजराइल के आगे नतमस्तक हो रहा है? संयुक्त अरब अमीरात के इजराइल को लेकर लिए गए एक फैसले से ज्यादातर इस्लामिक मुल्क यही सोच रहे है. हालाँकि UAE ने इन सभी कयासों को खारिज किया है तथा कहा है कि वह अपनी रणनीतिक साझेदारी को महत्त्व देता है. ज्ञात हो कि इजराइल की छबि दुनिया में एक ऐसे मुल्क की है जो मजहबी चरमपंथ के खिलाफ बेहद की आक्रामक रुख अपनाता है तथा इसी कारण ज्यादातर इस्लामिक मुल्क इजराइल को अपना दुश्मन मानते हैं.

बता दें कि इजराइल सरकार के एक मंत्री को UAE सरकार ने निमंत्रण देकर अपने देश बुलाया है. इस फैसले के बाद दुनिया भर के मुस्लिम देशों ने UAE के खिलाफ गुस्सा ज़ाहिर किया क्योंकि जिस इजराइली मंत्री को UAE ने बुलाया है, उसने अजान की तौहीन की थी. अबू धाबी में जूडो ग्रैंड स्लेम मुक़ाबले में इस्राईली खिलाड़ियों द्वारा स्वर्ण पदक जीते जाने के बाद पहली बार किसी मुस्लिम देश की धरती पर अतिग्रहणकारी ज़ायोनी शासन का गान बजाया गया. कई समाचार पत्रों के मुताबिक, रेगेव ने पहले इस्लामिक नमाज़ की बहुत बड़ी तौहीन थी. कहा था की मस्जिद में अज़ान की आवाज़ सुनकर ऐसा लगता है जैसे कुत्ते भौक रहे है.

इजरायल के खेल और संस्कृति मंत्री मिरी रेगेव ने “संयुक्त अरब अमीरात के एक आधिकारिक प्रतिनिधि” के निमंत्रण पर पिछले रविवार को अबू धाबी के शेख ज़ैद ग्रैंड मस्जिद का दौरा किया. आपको बता दें संयुक्त अरब अमीरात के पास इजरायल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं, रेगेव अबू धाबी जुडो ग्रैंड स्लैम में भाग लेने वाली इजरायली टीम के साथ प्रतिनिधिमंडल में शामिल हो गए. अपने फेसबुक पोस्ट में, रेगेव ने समझाया कि उन्हें मस्जिद जाने के लिए आधिकारिक निमंत्रण मिला है.

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