आतंक की दस्तक अब अफ्रीका में भी.. भीषण हमले में 11 मरे .. आतंक का वही रूप जिसका नहीं होता कोई “धर्म”

आतंक का कोई धर्म नही, ऐसा प्रचलित है भारत में. आये दिन तमाम लाशों को एक खास सोच , एक खास वर्ग द्वारा गिराने के बाद ये बात कही जाती है भारत के नेताओं की तरफ से ..अब वही आतंक लेता जा रहा है विश्वव्यापी स्वरूप और इसकी खूनी दस्तक हुई है कोलंबिया में भी जहां 11 लोगों की चढ़ गई है बलि..उत्तरी बुर्किना फासो में रविवार को हुए एक आतंकवादी हमले में 10 लोगों की मौत हो गई। सुरक्षा सूत्रों ने ‘एएफपी’ को बताया कि करीब 10 सशस्त्र लोगों ने सिकिरे गांव में रविवार सुबह एक आतंकवादी हमला किया’जिसमें 10 लोगों की मौत हो गई और दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए’’।

सिकिरे साहेल क्षेत्र में है जो आतंकवादियों के निशाने पर अकसर रहता है। यहां से करीब 20 किलोमीटर दूर अरङ्क्षबदा में एक स्थानीय अधिकारी ने बताया कि सशस्त्र हमलावरों ने ग्रामीणों पर गोलियां चलाईं। उन्होंने दुकानों और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों में आग लगा दी। इससे पहले 10 जनवरी को अरङ्क्षबदा से 30 किलोमीटर दूर गैस्सेलिकी गांव में हुए हमले में 12 लोगों की मौत हो गई थी। लीबिया में 2011 में अराजकता के बाद से इस क्षेत्र में हिंसक अतिवाद बढ़ गया है।

बता दें कि इससे पहले बोगोटा में एक पुलिस कैडेट प्रशिक्षण अकादमी में एक वाहन बम हमले में 10 लोगों की मौत हो गई और 65 अन्य लोग घायल हो गए हैं। यह कोलंबिया की राजधानी में पिछले 16 साल में हुआ सबसे भीषण हमला बताया जा रहा है। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि विस्फोटकों से भरे एक वाहन का इस्तेमाल करके आतंकवादी हमला किया गया। वाहन में 80 किलोग्राम विस्फोटक था। कोलंबिया के राष्ट्रपति इवान डुक ने ट्वीट किया, सभी कोलंबियाई आतंकवाद के खिलाफ हैं और इसके विरुद्ध लड़ाई में एकजुट हैं। हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को न्याय के दायरे में लाने का संकल्प लेते हुए डुक ने कहा, कोलंबिया दु:खी है, लेकिन हिंसा के आगे सिर नहीं झुकाएगा।

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