अपने ही मालिक पर भौंक रहा आतंकी मुल्क पाकिस्तान. ना जाने कैसे दिखा रहा अमेरिका को आँखें

पाकिस्तान अक्सर अपने नापाक मानसिकता को बड़े पैमाने पर दर्शाता आ रहा है। दुनिया के बहुत सारे देशो ने बात को माना है की पाकिस्तान

आतंकवाद को शुरू से बढ़ावा देता आया है। आपको बताते चले कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख क़मर बाजवा ने कहा है कि “पाकिस्तान कश्मीरियों के

स्वनिर्णय के अधिकार को राजनीतिक, नैतिक और कूटनीतिक समर्थन देता रहेगा।”पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार एक तरफ तो बाजवा ने कहा कि वो

“कश्मीर को पाकिस्तान के हस्तक्षेप की जरूरत नहीं”, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने कश्मीर की हर संभव मदद की भी बात कही।

अभी हाल ही में पाकिस्तान

स्थित आंतकवादी समूह जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों द्वारा जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आठ भारतीय सुरक्षा बलों की हत्या कर दी गई थी जिसके बाद

भारत ने इस पर कूटनीतिक संज्ञान लिया था। चीन में हुई ब्रिक्स देशों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) की सालाना बैठक में जिन आतंकवादी

संगठनों का जिक्र हुआ उनमें जैश-ए-मोहम्मद भी शामिल है।
पाकिस्तान के रक्षा दिवस पर एक कार्यक्रम में बोलते हुए जनरल बाजवा ने कहा कि कश्मीर का कूटनीतिक समाधान निकालना भारत के हित में है। बाजवा

ने कहा, “पाकिस्तान एक जिम्मेदार देश है। हम दक्षिण एशिया में परमाणु बम लेकर नहीं आए।

अभी भी ये हथियार ही पड़ोसी देश जो हमसे ताकत में

ज्यादा है, के साथ शांति के लिए जिम्मेदार हैं। दक्षिण एशियाई इलाके में यही देश ये गैर-परंपरागत हथियार लाया।”
बाजवा ने बिना नाम लिये अमेरिका की भी आलोचना की और कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ पर्याप्त लड़ाई लड रहा है। बाजवा ने कहा, “हमारी

सारी कोशिशों, हमारी अनगिनत बलिदानों, दशकों के युद्ध के बाद भी हमसे कहा जहा रहा है कि हमने आंतकवाद के खिलाफ पर्याप्त कदम नहीं उठाए। अगर

पाकिस्तान ने इस युद्ध में पर्याप्त काम नहीं किया है तो दुनिया के किसी मुल्क ने नहीं किया है।”

बाजवा ने अमेरिका की तरफ इशारा करते हुए कहा,

“हमें आपकी मदद नहीं चाहिए, हमें आपका सम्मान और भरोसा चाहिए।” माना जा रहा है कि बाजवा ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान का

जवाब दिया है जिसमें उन्होंने पाकिस्तान को अरबों-खबरों डॉलर की मदद देने की बात कही थी।
हालांकि बुधवार (छह सितंबर) को ही पाकिस्तानी विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने परोक्ष रूप से पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को संरक्षण देने की बात स्वीकार

की। ख्वाजा आसिफ ने पाकिस्तानी मीडिया से कहा कि अगर लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकवादी संगठनों पर लगाम नहीं लगाई गई तो

पाकिस्तान बेइज्जती का सामना करता रहेगा। आसिफ ने कहा कि दुनिया को यह विश्वास दिलाने की जरूरत है कि पाकिस्तान का आतंकवाद से कुछ

लेना-देना नहीं है।

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