चीन में अब लगा ईसाइयों का नंबर… जबरन बंद हुआ एक पुराना चर्च.. पहले चरमपंथियों पर लगा चुका है नकेल

इस्लामिक चरमपंथियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाई के कारण संयुक्त राष्ट्र सहित दुनिया भर के कई मुल्कों से आलोचना होने के बाद भी चीन इससे बेपरवाह नजर आ रहा है. नास्तिक कम्यूनिस्ट विचारधारा वाले चीन ने मुस्लिमों के बाद अब ईसाइयों का नंबर लगाया है जिसके बाद न सिर्फ यूरोपीय मुल्क बल्कि पूरी दुनिया आश्चर्यचकित है. ये कम्युनिस्ट विचारधारा वो विचारधारा है जो धर्म को जहर के समान मानती है और धर्म को मानने वालों को अपना शत्रु. इस विचारधारा को मानने  वाले लोग दुनियाभर में मौजूद हैं और इसी विचारधारा के चीन ने अब मुस्लिमों के ईसाईयों के खिलाफ एक्शन लेना शुरू कर दिया है, जिसके निशाने पर न सिर्फ ईसाई जनता बल्कि चर्च और पादरी भी है.

खबर के मुताबिक़, चीन में क्रिसमस की पूर्व संध्या पर चेंगदू के प्रमुख चर्च (Chengdu Church China) को बंद कर दिया गया. चीन के ईसाई लोग कई महीनों से चीन के सबसे अच्छे माने जाने वाले प्रोटेस्टेंट चर्च में क्रिसमस सेलिब्रेशन का इंतजार कर रहे थे. लेकिन दिसंबर की शुरुआत में पुलिस ने उस प्रार्थना स्थल को बंद कर दिया, जो चेंगदू के दक्षिण पश्चिमी शहर में अर्ली रेन के नाम से मशहूर है.

क्रिश्चियन एक्टिविस्ट इसे ईसाई समुदाय पर एक दशक का सबसे बड़ा हमला बता रहे हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि, पुलिस ने बाइबल को जब्त कर लिया है. चर्च द्वारा चलाए जा रहे स्कूल को बंद कर दिया है और तोड़फोड़ के लिए उकसाने के आरोप में अर्ली रेन के पादरी को हिरासत में लिया है. चीन की इस कार्यवाई के बाद सिर्फ चीन में मौजूद ईसाई संगठन नहीं बल्कि ईसाई केंद्र वेटिकन तथा संपूर्ण ईसाई जगत में खलबली मच गई है. इस स्थिति पर चीन ने साफ़ कर दिया है कि वह किसी की आस्था में दखल नहीं देता लेकिन चीन की संप्रुभता की रक्षा के लिए वह कोई भी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा.

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