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अमेरिका को तबाह करने के लिए एक हों दुनिया भर के मुसलमान.. तुर्की और ईरान में मुसलमान देशों का अगुवा बनने की होड़

दुनिया के दो इस्लामिक मुल्क ईरान तथा तुर्की के बीच इस्लामिक जगत का अगुवा बनने की होड़ लगी हुई है. दोनों ही मुल्कों ये दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि वह इस्लामिक जगत के सबसे बड़े रहनुमा हैं तथा कद्दावर हैं. हालाँकि इस्लामिक जगत का केंद्र माना जाने वाला सऊदी अरब से दोनों ही मुल्कों की अपरोक्ष तकरार चलती रहती है. इसी बीच ईरान के दुनिया भर के मुस्लिम देशों से अमेरिका को तबाह करने के लिए एक साथ आने की अपील की है.

ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने विश्व भर के मुसलमानों का आह्वान करते हुए कहा कि वे अमेरिका के विरूद्ध एक हों. इसके साथ ईरानी राष्ट्रपति ने सऊदी अरब के लोगों को ‘भाई’ बताते हुए कहा है कि उन्हें तेहरान से डरने की आवश्यकता नहीं है. गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2015 में प्रमुख शक्तियों के मध्य हुए ऐतिहासिक परमाणु समझौते से मई में बाहर आने की घोषणा की थी तथा  ईरान पर व्यापक प्रभावों वाले प्रतिबंध एकपक्षीय ढंग से लगा दिए थे. इसके बाद अमेरिका तथा ईरान में तनातनी चल रही है.  रूहानी ने इस्लामिक एकता सम्मेलन में कहा, ‘आज अमेरिका चाहता है कि पश्चिम एशिया उसका गुलाम हो जाए.’ इसके साथ ही ईरानी राष्ट्रपति ने इजराइल को केंसर ट्यूमर बताते हुए कहा कि अपराधियों के लिए लाल कालीन बिछाने की बजाय मुसलमान सरकारों को अमेरिका और ‘क्षेत्र की कैंसर की गांठ’ इस्राइल के खिलाफ एक हो जाना चाहिए.

आपको बता दें कि शिया बाहुल्य वाले ईरान के सुन्नी प्रतिस्पर्धी सऊदी अरब से उन्होंने कहा कि वह ‘अपमानजनक’ अमेरिकी सहायता को लेना बंद करे. रूहानी ने कहा, ‘हम सऊदी लोगों के हितों की आतंकवाद और अत्यधिक शक्तिशालियों से अपनी पूरी क्षमता से सुरक्षा करने के लिए तैयार हैं.’ इतना ही नहीं उन्होंने कहा, ‘हम इसके लिए 450 अरब अमेरिकी डॉलर नहीं चाहते और आपका अपमान नहीं करेंगे.’ रियाद ने जनवरी 2016 में तेहरान के साथ अपने राजनयिक संबंधों को तोड़ लिया था.

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