अमेरिका में ट्रंप के मुकाबले चुनाव लड़ रही नेत्री गर्व से बोल रही हिन्दू हूँ… भारत में निभाया जा रहा सेक्यूलरिज्म का सिद्धांत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ राष्ट्रपति चुनाव लड़ने का एलान करने वाली अमेरिकी कांग्रेस जी सदस्य तुलसी गबार्ड ने कहा है कि उन्हें इस बात का गर्व है कि वह हिन्दू हैं. अमेरिका में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव’ 2020 में लड़ने वाली डेमोक्रेटिक पार्टी की सांसद तुलसी गबार्ड ने कहा है कि उन्हें हिन्दू-अमेरिकी उम्मीदवार होने पर गर्व है. अमेरिकी डेमोक्रेटिक सांसद तुलसी गबार्ड का ये बयान हिंदुस्तान के उन तथाकथित सेक्यूलर नेताओं को आईना है जिन्हें या तो हिन्दू होने  पर शर्म आती है या फिर उन्हें हिन्दू शब्द सांप्रदायिक लगता  है.

बता दें कि अमेरिक में कुछ लोग तुलसी पर हिन्दू राष्ट्रपति होने का आरोप लगा रहे हैं. अमेरिकी कांग्रेस की सदस्य तुलसी गबार्ड इस पर कहा कि गैर-हिंदू नेताओं से कुछ भी न पूछने और अमेरिका के लिए उनकी प्रतिबद्धता पर सवाल उठाना ‘दोहरे मापदंड’ को दिखाता है जो सिर्फ ‘धर्मांधता’ से ही पैदा होता है. 37 वर्षीय गबार्ड ने 11 जनवरी को घोषणा की थी कि वह 2020 के राष्ट्रपति चुनावों के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी में दावेदारी पेश करेंगी.

तुलसी गबार्ड ने खुद को हिंदू राष्ट्रवादी बताए जाने के आरोपों पूछा, ‘कल क्या मुस्लिम या यहूदी अमेरिकी कहोगे। जापानी, लातिन अमेरिका या अफ्रीकी अमेरिकी कहोगे?’ गबार्ड ने कहा, ‘मेरे देश के प्रति मेरी प्रतिबद्धता पर सवाल उठाना वहीं गैर-हिंदू नेताओं पर कोई सवाल नहीं करना, दोहरे मापदंड को स्पष्ट करता है जो केवल एक बात में निहित हो सकती है : ‘धार्मिक भेदभाव’। मैं हिंदू हूं और वे नहीं।’ उन्होंने कहा, ‘भारत के लोकतांत्रिक रूप से चुने गए नेता, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मेरी मुलाकात को इसके ‘साक्ष्य’ के तौर पर दर्शाया गया और इसे एक तरह से असामान्य बताया गया जबकि राष्ट्रपति (बराक) ओबामा, मंत्री (हिलेरी) क्लिंटन, राष्ट्रपति (डोनाल्ड) ट्रंप और कांग्रेस के मेरे कई साथी उनसे मुलाकात कर चुके हैं और उनके साथ काम कर चुके हैं. हवाई से चार बार की डेमोक्रेटिक पार्टी की सांसद ने कहा, ‘कांग्रेस में चुनी जाने वाली पहली हिंदू-अमेरिकी होने और अब राष्ट्रपति पद के लिए पहली हिंदू-अमेरिकी दावेदार होने का मुझे गर्व है.

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