पहले सुल्तानों का हुआ करता था फरमान, कि उनसे बड़ी गद्दी या ओहदा नहीं होगा किसी और का. पर अब यही आदेश आया up की राजनीति में

कभी कुछ सल्तनतों का ये फरमान हुआ करता था कि उनसे बड़ी गद्दी या उनसे बड़ा ओहदा किसी और का नहीं होगा . राजदरबार में सबसे बड़ी गद्दी और ओहदे के ऊपर वो खुद होंगे और उसकी नाफरमानी करने वालों को मिलेगी सजा . वो समय काफी दिन पहले बीत गया है लेकिन अब एक बार फिर से कुछ वैसी ही पुनरावृत्ति हो रही है भारत की राजनीति में जहाँ एक राजनैतिक दल ने अपने कार्यकर्ताओं को दिया है एक ऐसा आदेश जो काफी दिन बाद सुनाई दिया है .

ज्ञात हो कि ये आदेश जुड़ा है गरीबों और दलितों आदि की भलाई के लिए संघर्ष का दावा करने वाली बहुजन समाज पार्टी से . गरीब की बेटी कह कर चुनावी मैदान में कई बार ताल ठोंक चुकी बसपा प्रमुख सुश्री मायावती ने अपने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को दिए हैं एक ऐसा निर्देश जो किसी के लिए भी अप्रत्याशित है और आने वाले चुनावों में बन सकता हैं अन्य पार्टियों में से कुछ के लिए अनुसरण करने वाला और कुछ के लिए विरोध करने वाला विषय .

अब नए आदेश के बाद बहुजन समाज पार्टी का का कोई भी प्रत्याशी या नेता होर्डिंग या बैनर में पार्टी सुप्रीमो मायावती के बराबर फोटो नहीं लगा सकेगा। साथ ही अब होर्डिंग लगाने से पहले उसे बसपा प्रभारियों से बाकायदा अनुमति के साथ पास भी कराना होगा। मायावती की तरफ से पदाधिकर्यियो को यह नया निर्देश बसपा एमएलसी व नवनियुक्त मंडल-जोन इंचार्ज भीमराव अंबेडकर ने संगठन की लखनऊ मंडल की बैठक में दिए जो आने वाले चुनावों की रणनीति बनाने के लिए हुई थी .

सूत्रों से और मीडिया रिपोर्ट्स से आ रही खबरों के अनुसार बसपा प्रमुख मायावती के निर्देश पर मंगलवार को इसी तरह की बैठक प्रदेश के सभी मंडलों में नवनियुक्त मंडल-जोन इंचार्जों की मौजूदगी में हुई। दरअसल, पार्टी के पुराने नेताओं को तो बसपा की रीति-नीति, होर्डिंग-बैनर लगाने का तौर-तारीका पता है। लेकिन चुनाव के मौके पर तमाम जगह समर्थक व नवआगंतुक नेता अपने हिसाब से होर्डिंग में महापुरुषों व बसपा अध्यक्ष के बराबर या उनसे भी बड़ी अपनी फोटो लगा देते हैं। बसपा ने इसे गंभीरता से लिया है और इसे अनुशासनहीनता की तरह माना है। अंबेडकर ने पार्टी के जिम्मेदार नेताओं को काडर देने वाले अंदाज में समझाया कि मायावती पार्टी की सर्वोच्च नेता हैं। ऐसे में उनके बराबर फोटो लगाना पार्टी के अनुशासन के लिहाज से ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि भविष्य में कोई भी होर्डिंग प्रभारियों से पास कराने के बाद ही लगाई जाए।

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