स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार विपक्ष की ऐसी एकता. अब तक कांग्रेस ने समर्थन दिया था ममता को. और अब बारी ममता की थी

पिछले कुछ समय से हालात ऐसे बन रहे हैं जिसमे किसी घोटाले की या किसी फ्राड आदि की जांच के दायरे को VIP या VVIP के नजरिये से देखने का प्रयास किया जा रहा है . सबसे पहले शारदा चिटफंड मामले में सीबीआई को भी पश्चिम बंगाल में हिरासत में ले लिया गया था और उसके बाद इस असंवैधानिक कृत्य के खिलाफ तमाम राजनैतिक पार्टियाँ एक हो गयी थी . ठीक उस अंदाज़ में अब ED का विरोध शुरू हो गया है जब उसने रोबर्ट वाड्रा से सवाल जवाब किया तो .

ज्ञात हो कि देश को एक अन्य अंदाज़ में एक नई राह पर ले जाने की कोशिश हो रही है जिसकी शुरुआत ममता बनर्जी ने की है . रोबर्ट वाड्रा से जैसे ही ED ने पूछताछ की वैसे ही राजनैतिक घमासान मच गया . कोलकाता पुलिस कमिश्नर के मुद्दे पर जिस अंदाज़ में कांग्रेस ने खुल कर ममता बनर्जी का साथ दिया था ठीक उसी अंदाज़ में अब ममता बनर्जी कांग्रेस के साथ आती दिख रही हैं और उन्होंने रोबर्ट वाड्रा के मुद्दे पर मोदी सरकार को निशाने पर ले लिया है .

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार चुनावों से पहले ये जानबूझकर कर रही है। ममता बनर्जी ने कहा कि हम इसके खिलाफ चुनाव आयोग से शिकायत करेंगे। ममता बनर्जी ने कहा है कि वे अगले हफ्ते बुधवार और गुरुवार को दिल्ली में रहेंगी जहां विपक्षी दलों के साथ आगे की रणनीति बनाई जाएगी। बता दें कि विदेश में कथित तौर पर अवैध संपत्ति रखने के सिलसिले में मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने वाड्रा से पूछताछ की थी।

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