मायावती के जीते पार्षद खड़े हो गये भाजपा के साथ और भाजपा ने जीत लिया अहमदनगर मेयर का चुनाव

राजनीति भले ही स्थिरता की तरफ बढ़ रही हो लेकिन राजनेता कब और कहाँ अस्तिर हो जाएँ इसका कुछ भी पता नहीं होता है . महाराष्ट्र के अहमदनगर मेयर के चुनाव में जो कुछ देखने को मिला है वो किसी के लिए भी चौंकाने वाले सत्य से कम किसी भी हालत में नहीं हो सकता है . उत्तर प्रदेश , मध्य प्रदेश , राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी को हारने के लिए कमर कसने वाली पार्टी के पार्षद महाराष्ट्र में भाजपा के साथ जब खड़े हो गये तब किसी को यकीन भी नहीं हुआ .

ज्ञात हो कि शिवसेना और भारतीय जनता पार्टी के बीच रणक्षेत्र बन चुके सियासी भूमि महाराष्ट्र की राजनीति में उस समय सबको बड़ा उलटफेर देखने को मिला जब मायावती के साथ NCP के भी पार्षदों ने भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी को मेयर पद के लिए समर्थन दे डाला और लगभग जीती हुई बाजी शिवसेना का मेयर हार गया . इस खबर को सिर्फ शिवसेना के लिए ही सदमा जैसा नहीं माना जा रहा है बल्कि इस बदले समीकरण ने कांग्रेस की भी मुश्किल को बढ़ा दिया है।

दरअसल महाराष्ट्र भारतीय जनता पार्टी के बाबा साहब वकाले अहमदनगर से मेयर चुने गए हैं। लेकिन उनके मेयर चुने जाने के पीछे एनसीपी और बहुजन समाज पार्टी की बड़ी भूमिका है। यहां कुल 68 पार्षद हैं जिनमे से भाजपा को सिर्फ 14 सीटों पर ही जीत मिली, बावजूद इसके बाबा साहब 37 पार्षदों के समर्थन से यहां के मेयर चुने गए। गौर करने वाली बात है कि यहां एनसीपी के 18 और बसपा के चार पार्षदों ने भाजपा के मेयर पद के उम्मीदवार को समर्थन दिया और बाबा साहब यहां मेयर चुने गए। गौर करने वाली बात यह है कि अहमदनगर में सबसे अधिक सीटें शिवसेना ने जीती थी, शिवसेना के खाते में कुल 24 सीटें आई थी, बावजूद इसके भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार को मेयर का पद मिला है।

 

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