कांग्रेस रखवाली करती रह गयी कर्नाटक के विधायकों की, लेकिन भगदड़ मच गयी गुजरात में.. लोकसभा से पहले भगदड़

आने वाले लोकसभा चुनावों में तमाम सपने संजोये कांग्रेस के लिए गुजरात से बुरी खबर आ रही है जहाँ उसके तमाम विधायकों ने बाकी रुख अपना लिया है . यहाँ पर कांग्रेस के विधायकों ने अपनी ही पार्टी को आँखे दिखाते हुए अपने तमाम विकल्पों पर विचार करना शुरू कर दिया है जिनकी संख्या लगभग आधे दर्जन के आस पास बताई जा रही है . इसमें से कुछ के भारतीय जनता पार्टी में जाने की भी खबरें आ रही हैं जो कांग्रेस के लिए किसी भी हाल में सही नहीं कही जा सकती हैं .

लोकसभा चुनाव से पहले गुजरात में कांग्रेस एक बार फिर टूटती दिख रही है। यहां इस विपक्षी पार्टी के 5-7 विधायकों ने इस्तीफा देने का फैसला किया है। इन विधायकों में से उंझा की महिला विधायक ने तो भाजपा का दामन भी थाम लिया है। यह महिला विधायक हैं आशा पटेल। यहाँ ये ध्यान रखने योग्य है कि कांग्रेस अपने मध्य प्रदेश और कर्नाटक के विधायकों को संभावित टूट से सहेजने में व्यस्त थी पर गुजरात में नया मोर्चा खुल जाना उसको बैकफुट पर डाल रहा है .

सत्तारूढ़ भाजपा से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, आशा पटेल सूबे में मेहसाणा लोकसभा की भाजपा उम्मीदवार बन सकती हैं। इससे पहले कांग्रेस के पाटीदार नेता जीवाभाई पटेल ने भी भाजपा में उपस्थिति ले ली। जीवाभाई पटेल कांग्रेस की ओर से सांसद रह चुके हैं। विगत विधानसभा चुनाव में वह भाजपा के नितिन पटेल के सामने खड़े हुए थे। मगर उन्हें हारना पड़ा। राज्य के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी से मिलने के बाद, ऊंझा विधायक डॉ. आशाबेन पटेल ने कांग्रेस विधायक पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कांग्रेस की मौजूदा संरचना के खिलाफ अपनी नाराजगी भी व्यक्त की है।

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