योगी को चुनौती देने वाले रावण का अब आया बयान मायवती के लिए

आख़िरकार खुद को रावण कहलवाने वाले और भगवान श्रीराम का विरोधी जेल से बाहर आ ही गया है . भीम आर्मी को बना कर कभी पश्चिम उत्तर प्रदेश को दंगे की आग में झोंक देने वाले रावण ने हिन्दू समाज को भी विभाजित करने की कोशिश की थी लेकिन सख्त प्रशासन के आगे आख़िरकार उसने घुटने टेक दिए और एक लम्बे समय तक के लिए जेल की यात्रा पर रहा .. अब वही रावण जेल से बाहर आते ही शुरू कर चुका है वो बयानबाजी जो अक्सर चुनाव के समय बड़े बड़े नेता लोग करते हैं . उसके बयान में जहाँ योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कड़ी तल्खी है तो वहीँ मायावती के लिए उसके सुर बदले से लगे ..

मई 2017 में सहारनपुर में हुए जातीय हिंसा का मुख्य आरोपी बनाकर भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रावण को जेल भेज दिया गया था। उनकी गिरफ्तारी भी हिमाचल प्रदेश के डलहोजी से हुई थी। रावण को केवल राष्ट्रीय सुरक्षा कानून रासुका के तहत जेल में रखा गया था। अब उनकी रासुका की अवधि 48 दिन रह गई थी। एक नवंबर 2018 को रावण पर लगी रासुका की अवधि समाप्त होनी थी। हाईकोर्ट से राहत न मिलने के बाद रावण की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। रावण के अधिवक्ता हरपाल सिंह की मानें तो सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका पर केंद्र और राज्य सरकार को आज यानि 14 सितंबर को जवाब दाखिल करना था।

जेल से बाहर आकर पत्रकारों से बात करते हुए रावण ने कहा, ‘मेरी रिहाई भाजपा की साजिश है, वो 10 दिन के अंदर मुझे फिर से किसी ना किसी मामले में फंसाकर जेल में डाल सकती है। 2019 में भाजपा को सत्ता से उखाड़ फेंकना ही उनका लक्ष्य है। भीम आर्मी का पूरा समर्थन महागठबंधन को होगा और उनके संगठन का एक भी व्यक्ति भाजपा को वोट नहीं करेगा। बीएसपी की अध्यक्ष मायावती मेरी बुआ हैं। उन्होंने दलित समाज के लिए बहुत काम किया है, उनसे हमारा किसी तरह का कोई विरोध नहीं है।’  जेल से बाहर निकलते ही चंद्रशेखर को उनके समर्थकों ने घेर लिया और उन्हीं समर्थकों के बीच उन्होंने ऐलान किया कि अब उनका लक्ष्य 2019 में भाजपा को हराना है।

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