इतिहास में पहली बार किसी देश के राष्ट्राध्यक्ष को उपहार में दी जाएगी गाय… और ये करने वाला देश होगा भारत

हिंदुस्तान के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एक ऐसा काम करने जा रहे हैं जिसे जानकार हर हिन्दुस्तानी, हर सनातनी खुशी से उछल पड़ेगा. वो दिन इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा जब हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एक देश के राष्ट्राध्यक्ष को सनातन की परमपूज्य “गाय-गौमाता” उपहार स्वरूप भेंट करेंगे. जिस देश के राष्ट्राध्यक्ष को प्रधानमंत्री मोदी जी गाय भेंट करेंगे वो देश होगा रवांडा. ज्ञात को कि  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 जुलाई से 27 जुलाई तक रवांडा, युगांडा और दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर रहेंगे. पीएम मोदी इस दौरान ब्रिक्‍स सम्‍मेलन में भी हिस्‍सा लेंगे. इसमें अंतरराष्‍ट्रीय शांति और सुरक्षा समेत कई अंतरराष्‍ट्रीय महत्‍व के मुद्दों पर चर्चा होने की उम्‍मीद है. मोदी अपने रवांडा दौरे के दौरान रवांडा के राष्‍ट्रपति को अनमोल तोहफा देने की तैयारी में हैं. वह वहां के राष्‍ट्रपति पॉल कागामे को 200 गाय तोहफे के रूप में देंगे.

प्रधानमंत्री मोदी जब रवांडा पहुंचेंगे तो रवांडा के राष्ट्रपति पॉल कागामे उनका स्वागत करेंगे. इस दौरान वह प्रतिनिधिमंडल स्तरीय बातचीत करेंगे. किगाली जीनोसाइड मेमोरियल में श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और व्यापार मंच को संबोधित करेंगे. इसके अलावा वह भारतीय समुदाय के लोगों से भी मिलेंगे. प्रधानमंत्री के दौरे की एक और महत्वपूर्ण बात रवेरू मॉडल गांव का दौरा कर रवांडा की ‘गिरिंका’ योजना के लिए 200 गायों तो तोहफे में देना है. प्रधानमंत्री मोदी जब रवांडा पहुंचेंगे तो रवांडा के राष्ट्रपति पॉल कागामे उनका स्वागत करेंगे. इस दौरान वह प्रतिनिधिमंडल स्तरीय बातचीत करेंगे. किगाली जीनोसाइड मेमोरियल में श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और व्यापार मंच को संबोधित करेंगे. इसके अलावा वह भारतीय समुदाय के लोगों से भी मिलेंगे. प्रधानमंत्री के दौरे की एक और महत्वपूर्ण बात रवेरू मॉडल गांव का दौरा कर रवांडा की ‘गिरिंका’ योजना के लिए 200 गायों तो तोहफे में देना है. रवांडा सरकार का कहना है कि वह भारत के प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी जी के सहयोग से ये कार्य इसलिए करवाने जा रहे हैं क्योंकि मोदी जी सीन गौभक्त हैं तथा हिंदुस्तान में गाय पूज्य मानी जाती है.

आपको बता दें कि रवांडा सरकार की इस योजना के तहत गरीब परिवार को दी गई गाय से हुए बछड़े को उस परिवार के पड़ोसी को देना होता है. इससे गाय और डेयरी उत्‍पादों को लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलती है. गिरिंका शब्‍द का अर्थ भी होता है ‘पास में एक गाय होना’. रवांडा के अधिकारियों के मुताबिक यह संस्‍कृति सदियों पुरानी है. इसके तहत पहले के दौर में भी लोगों को एक सूत्र में में बांधने का काम किया जाता था. इसके तहत गाय को एक से दूसरे परिवार तक पहुंचाया जाता है. प्रधानमंत्री मोदी 200 गाय रवांडा के राष्‍ट्रपति को तोहफे में देकर वहां भारत का सहयोग बढ़ाना चाहते हैं. इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी जोहानिसबर्ग में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के 10वें संस्करण में भी हिस्सा लेंगे. इसमें समूह के नेताओं के अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा, वैश्विक शासन और कारोबार समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा करने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि शिखर सम्मेलन के इतर भी प्रधानमंत्री के कई नेताओं के साथ द्विपक्षीय मुलाकात करने की संभावना है ताकि भारत इस दौरान न सिर्फ इन राष्ट्रों के बीच अपने संबंध और मजबूत कर सके.

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