#ShriRamMandir पर #RSS प्रमुख #MohanBhagwat जी का बयान गौरवान्वित कर देगा आपको

अयोध्या में प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि पर राम मंदिर निर्माण को लेकर दशकों से विवाद चल रहा है तथा इस समय ये मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है. अयोध्यामें श्रीराममंदिर के निर्माण के लिए हर हिन्दू संकल्पित है क्योंकि अयोध्या प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि हैं तथा प्रभु श्रीराम हिन्दुओं के आराध्य हैं, सनातन आर्य हिन्दू धर्म में सर्वपूज्य हैं. प्रभु श्रीराम हिन्दुस्तान की पहिचान हैं. यही कारण है कि जब भी अयोध्या का जिक्र होता है तब हिन्दू समाज का बच्चा-2 जय श्रीराम के नारे के साथ अपने आराध्य देव प्रभु श्रीराम के मंदिर के निर्माण के लिए अपनी प्रतिबद्धता जता रहा होता है.

अब अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण को लेकर दुनिया के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत जी ने एक बड़ा बयान दिया है जो आपको गौरवान्वित कर देगा. आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने पालघर जिले के दहानू में विराट हिंदू सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि श्रीराम हमारे प्राण हैं, श्रीराम हमारी पहिचान हैं, बिन श्रीराम के हमारा कोई अस्तित्व नहीं है और हमारा ये संकल्प है कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण होकर रहेगा.

मोहन भागवत जी ने कहा कि हम न्यायालय के फैसले का इन्तजार जरूर कर रहे हैं लेकिन ये भी बताना कहते हैं कि अयोध्या में जन्भूमि पर सिर्फ और सिर्फ मंदिर ही बनेगा और जरूर बनेगा. मोहन भागवत ने कहा कि मुगल आक्रान्ताओं ने हमारे अराध्य श्रीराम के मंदिर को तोडा था. भागवत जी ने कहा कि आज हम आजाद है और जिसे नष्ट किया गया है उसे हमे फिर से बनाने का अधिकार है क्योंकि वे सिर्फ मंदिर नही था बल्कि हमारी पहचान का प्रतीक था और यदि अयोध्या में राम मंदिर फिर से नहीं बनाया गया तो हमारी संस्कृति की जड़ें कट जाएंगी या नष्ट हो जाएगी। हालांकि, इसमें कोई शक नहीं कि मंदिर वहीं बनाया जाएगा जहां वह पहले था और इसके लिए हम किसी भी लड़ाई का सामना करने को तैयार हैं.

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