4 जनवरी- शांति के प्रतीक और आतंक के दुश्मन विराथू जैसे देशभक्तों के देश म्यन्मार को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

ये वो देश है जिसने दुनिया को एक नई हिम्मत दी है आतंक के आगे खड़े हो कर उसका माकूल प्रतिकार करने की . ये वो देश है जिसने अपने राष्ट्रीय हितो को सबसे ऊपर रखा और अपने देश को आतंक मुक्त करने एक लिए सबसे बड़ा अभियान चलाया . ये म्यांमार है जिसने दुनिया में किसी की भी परवाह नहीं की और अपने देश को अन्दर से खोखला कर रहे आतंकियों के खिलाफ ऐसा अभियान चलाया जिसका दूसरा उदाहरण अमेरिका , इजरायल और रूस जैसे देशो के पास भी नहीं है .

इसी देश में विराथू जैसे लोगों ने बाद में इसकी स्वाभिमानी छवि को पेश किया . एक ऐसा वीर जिसने आतंकियों और उन्मादियो के पांवो को उखाड़ कर फेंक दिया और आये दिन अपने देश में होने वाले आतंकी हमलो , बलात्कार आदि को समूल रूप से खत्म कर दिया . शांति के पुजारी बौद्धों के इस रूप को देख कर संसार भर ने चैन की साँस ली और तमाम आतंकवाद पीड़ित लोगों ने इनसे बड़ी शिक्षा भी ली . दुनिया के सबसे खूंखार माने जाने वाले रोहिंग्या के बीच में रहने के बाद भी इनके प्रतिकार ने एक उदाहरण पेश किया . सभी बौद्धों को एक सूत्र में पिरोने के बाद वहाँ की सरकार ने भी जनता की आवाज सुनी और उनके दर्द को समझा .

विराथू की क्रान्ति के बाद फिलहाल म्यांमार में शांति है और उन्मादी व् आतंकी हरकतें बंद हो चुकी हैं . ये वही भूमि है जो जिसने सुभाष चन्द्र बोस जी को एक बेस बना कर अत्याचारी अंग्रेजो से लड़ने के लिए स्थान दिया था . इसी भूमि में हमारे १८५७ के कई क्रांतिकारी भी अमरता को प्राप्त हुए थे . आज ये हिन्दू परम्परा के ही सबसे नजदीक बौद्धों की कर्मभूमि है जो भगवान बुद्ध द्वारा तप आदि के माध्यम से पवित्र और पावन है .   बर्मा देश को आजादी 4 जनवरी 1948 को प्राप्त हुई थी परंतु हम आपके यहां पर बताना चाहते हैं कि बर्मा को “म्यांमार” के नाम से भी जाना जाता है।

आधुनिक समय में से अधिकतर लोग इस देश को म्यांमार के नाम से ही जानते हैं .  वर्मा, भारत का एक पड़ोसी देश है जो कि भारत के पूर्व छोर पर बसा हुआ है। यह देश क्षेत्रफल की दृष्टि से दुनिया का 39 वॉ सबसे बड़ा देश है जो कि लगभग 676,578 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है और अगर हम जनसंख्या के आधार पर बात करें तो यह दुनिया का 25 वॉ सबसे बड़ा राष्ट्र है जहां पर 2017 के आंकड़ों के अनुसार लगभग 5.5 करोड़ लोग निवास करते हैं। इस देश की राजधानी “नाएप्यीडॉ” है और अगर हम यहां के सबसे बड़े शहर की बात करें तो यहां का सबसे बड़ा शहर रंगून है।

रंगून शहर को यांगून नाम से भी जाना जाता है बर्मा देश में वर्मी (बुर्मेसी) भाषा को ऑफिशियल लैंग्वेज का दर्जा दिया गया है। 4 जनवरी 1948 को ब्रिटेन के सैनिकों ने रंगून में संसद से अपना झंडा यूनियन जैक हटा लिया. कुछ ही देर बाद देश का झंडा लहराया गया. एक नीले चौकोर पर छह सफेद सितारों वाला लाल रंग का झंडा. इसके साथ ही देश पर अंग्रेजों का शासन खत्म हुआ और इसके बाद बर्मा एक गणतंत्र के रूप में दुनिया के सामने आया. आज शांति के प्रतीक और आतंक के दुश्मन म्यन्मार के तमाम बौद्धों को उनकी स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं .

 

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