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दिल्ली में बांग्लादेशियों द्वारा क़त्ल किये गये #पातीराम को न्याय दिलाने के लिए श्री सुरेश चव्हाणके जी ने निकाला मशाल मार्च.. हरा तरफ़ गूंजा #बांग्लादेशी_भगाओ

22 अक्टूबर को देश की राजधानी दिल्ली के जहांगीरपुरी में बांग्लादेशी आक्रान्ताओं द्वारा हिन्दू पातीराम की पीट-पीट कर क्रूरतम तरीके से ह्त्या कर दी थी. आश्चर्य की बात ये है कि बांग्लादेशी घुसपैठियों ने हिंदुस्तान की राजधानी में एक हिन्दुस्तानी(हिन्दू) का क़त्ल कर दिया लेकिन पातीराम को न्याय दिलाने के लिए न तो अवार्ड वापसी गैंग सक्रिय हुई तथा न ही दिल्ली के बाहर अखलाख या पहलू खान की मौत पर दर्द से कराहने वाले दिल्ली के सुल्तान केजरीवाल की आवाज सुनाई दी. न तो पातीराम की ह्त्या मॉब लिंचिंग बन सकी तथा न ही तथाकथित धर्मनिरपेक्षता तथा मानवाधिकारों के ठेकेदार पातीराम को न्याय दिलाने के लिए आआगे आये.

जब दिल्ली के सुल्तान अरविंद केजरीवाल तथा तथाकथित मानवाधिकार के ठेकेदारों ने पातीराम के परिवार की कोई मदद नही की तथा न उसके लिए न्याय की आवाज उठाई तब राष्ट्र निर्माण संस्था के संस्थापक तथा सुदर्शन टीवी के चेयरमैन श्री सुरेश चव्हाणके जी ने पातीराम को न्याय दिलाने का जिम्मा उठाया. 27 अक्टूबर को श्री सुरेश चव्हाण जी बांग्लादेशी आक्रान्ताओं द्वारा क़त्ल किये गये पातीराम के घर पहुंचे, पातीराम के परिजनों से मुलाक़ात की तथा 2 लाख रूपये की आर्थिक मदद की. पातीराम   के परिजनों से मुलाक़ात के समय श्री सुरेश चव्हाणके जी ने घोषणा की थी कि वह 3 नवम्बर को जहाँगीर में पातीराम को न्याय दिलाने के लिए, दिल्ली को बांग्लादेशी घुसपैठियों से मुक्त कराने के लिए मशाल यात्रा निकालेंगे.

आज तीन नवम्बर को शाम 5 बजे जहाँगीरपुरी में श्री सुरेश चव्हाणके जी के नेतृत्व में विशाल मशाल मार्च निकाला गया. मशाल मार्च में बड़ी संख्या में हिन्दुओं ने भाग लिया. पूरी मशाल मार्च के दौरान पातीराम को न्याय दो तथा बांग्लादेशी भगाओ दिल्ली बचाओ के नारे गूंजते रहे. मशाल मार्च के बाद श्री सुरेश चव्हाणके जी ने वहां मौजूद लोगों को संबोधित किया तथा देश की तथाकथित सेक्यूलर राजनीति पर निशाना साधा. श्री सुरेश चव्हाणके जी ने कहा कि राजधानी दिल्ली में बांग्लादेशी घुसपैठिये भारतमाता के बेटे की क्रूरतम तरीके से ह्त्या कर देते हैं लेकिन अफ़सोस ये खबर सुर्खियाँ नहीं बन पाती है तथा इस दर्दनाक वारदात पर न तो दिल्ली के मुख्यमंत्री कुछ बोलते है और न ही कोई पातीराम के परिवार की मदद के लिए कोई आगे आता है.

श्री सुरेश चव्हाणके जी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तथा तथाकथित मानवाधिकारी ठेकेदारों से पूंछा कि पातीराम की ह्त्या पर वह चुप क्यों बैठे हैं तथा जिस तरह का दर्द अखलाख तथा पहलू खान के लिए हुआ था, वही दर्द पातीराम के क्रूरतम क़त्ल पर क्यों नहीं हुआ? श्री सुरेश चव्हाणके जी ने कहा कि अगर पातीराम का नाम शहजाद या आमिर होता, क्या तब भी केजरीवाल मौन रहते? उन्होंने कहा कि अखलाख के लिए खजाना लुटाने वाले पातीराम के लिए आगे क्यों नहीं आ रहे हैं? श्री सुरेश चव्हाणके जी ने केंद्र सरकार से मांग की कि दिल्ली में भी NRC लागू करें तथा दिल्ली को बांग्लादेशी घुसपैठियों से मुक्त कराएं. श्री सुरेश चव्हाणके जी ने कहा कि अगर हम अभी भी नहीं जागे तो आगे चलकर ये जिहादी पता नहीं कितने पातीराम का इसी तरह से क़त्ल करेगा. श्री सुरेश चव्हाणके जी ने कहा कि देशभर में हिन्दुओं पर हिन्दू आस्थाओं पर जब भी कोई आंच आयेगी तो वह तथा सुदर्शन परिवार हमेशा से आगे आकर हिन्दू, हिन्दुत्व तथा हिंदुस्तान के लिए संघर्ष करेंगे.

 

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