सुरेश चव्हाणके जी का अथक प्रयास व राष्ट्र परिक्रमा सफलता की तरफ. 28 दिसंबर को सांसद संजीव बालियान संसद में लाएंगे जनसँख्या नियंत्रण कानून का कड़े प्रावधान के साथ प्राइवेट बिल,

बिना खाने की चिंता व बिना सोने की फिक्र किये हुए, देश की उन्नति व जनसँख्या के संतुलन को बनाये व बचाये रखने के लिये आखिरकार सुदर्शन न्यूज के प्रधान संपादक व राष्ट्र निर्माण संस्था के अध्यक्ष श्री सुरेश चव्हाणके जी के प्रयास सफलता की तरफ अग्रसर हो गए हैं .जन जन तक बात पहुचाने के लिए जम्मू से कन्याकुमारी तक तमाम अवरोधों के बाद भी कई विषम हालात में जाने वाले चव्हाणके जी की बुलन्द आवाज को अब प्राईवेट बिल के रूप में संसद में पेश किया जाने वाला है जिसके मुखिया होंगे जनसँख्या असंतुलन से वर्तमान समय मे सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में से एक व कुछ समय पहले दंगो व सरकार के दमन की विभीषिका झेलने वाले पश्चिम उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर सांसद संजीव बालियान जी..इतना ही नही, उनके इस बिल के साथ कई अन्य पार्टियों के सांसद भी होंगे क्योंकि ये मुद्दा राष्ट्र हित, देश की अखंडता व हिंदुओं के भविष्य व अस्तित्व से जुड़ा हुआ है .

आखिरकार प्रयास सफलता की ओर बढ़ गए और कहना गलत नही होगा कि उन्होंने इसको कर दिखाया… सुदर्शन न्यूज़ के मुख्य संपादक श्री सुरेश चव्हाणके जी ने देश भर में भारत बचाओ यात्रा निकाली और देश में जनसंख्या नियंत्रण कानून के लिए अलख जगाई…. इसी कड़ी में 20हजार किलोमीटर ओर 70 दिन की यात्रा की देश के कई हिस्सों में विरोध भी देखने को मिला लेकिन हमारी ये मुहिम रुकी नही देश भर से भारी जनसमर्थन मिला देश से एक ही आवाज निकली कि ये कानून राष्ट्र की पहली जरूरत है .. अब ये सपना साकार होने जा रहा है 28 दिसम्बर में मुज़फ्फरनगर से सांसद Dr. संजीव बालियान ये बिल संसद में लाने जा रहे हैं.

इतना ही नही 28 तारीख को ही दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में 6 सांसद इसको पास करवाने के लिए कर रहे प्रेस कांफ्रेंस. सांसद डॉ संजीव बालियान ने बताया कि मेरे समेत कुल सात सांसद जनसंख्या बिल संसद में पेश करने के बाद प्रेेसवार्ता कर देशहित में जरूरी इस कानून के बारे में देशभर की मीडिया को जानकारी देंगे। इन सांसदों में यूपी के राजेश पांडेय, डॉ राघव लखनपाल, बिहार से राजीव रंजन उर्फ पप्पू यादव, उत्तराखंड से पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद रमेश पोखरियाल निशंक और मध्य प्रदेश से प्रह्लाद पटेल और उदय प्रताप सिंह शामिल हैं।गत संसद सत्र में उन्होंने देशभर के 125 सांसदों के हस्ताक्षर युक्त इस बिल की मंजूरी के लिए संसद के माध्यम से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के समक्ष पेश किया था। हालांकि उस समय इस बिल को अपरिहार्य कारणों से ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था।

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