21 अगस्त 1947 का वो लेख, जिसमे साफ बोला गया था – “आबादी बढाओ , कल ये भी मुल्क हमारा होगा “

लाहौर से प्रकाशित मुस्लिम पत्र ‘लिजट’ में कमरूद्दीन खान का एक पत्र प्रकाशित हुवा था। जिसका उल्लेख पुणे के ‘ मराठा ‘और दिल्ली के ओर्गनायजर में २१ अगस्त १९४७ को छपा था, ” हिन्दुस्थान बट जाने के पश्चात् भी शेष भारत पर भी मज़हबी उन्मादियों की गिध्द दृष्टी किस प्रकार लगी हुई है,इस लेख में छपा था। चारो ओर से घिरा मुस्लिम देशों का, इसलिए समय आने पर हिन्दुस्थान को जीतना बहुत सरल होगा..

 कमरुद्दीन खान अपनी अखंड पाकिस्तान योजना को लेख में लिखते है, ” इस बात से यह नग्न रूप में प्रकट है की ५ करोड़ मुसलमानों को जिन्हें पाकिस्तान बन जाने पर भी हिन्दुस्थान में रहने के लिए मजबूर किया है,उन्हें अपनी आज़ादी के लिए एक दूसरी लडाई लड़नी पड़ेगी और जब यह संघर्ष आरम्भ होगा , तब यह स्पष्ट होगा की,हिन्दुस्थान के पूर्वी और पश्चिमी सीमा प्रान्त में पाकिस्तान की भौगोलिक और राजनितिक स्थिति हमारे लिए भारी हित की चीज होगी और इसमें जरा भी संदेह नहीं है की,इस उद्देश्य के लिए दुनिया भर के मुसलमानों से सहयोग प्राप्त किया जा सकता है. ” उसका कहना था कि हिन्दुओ की वर्ण व्यवस्था की कमजोरी से फायदा उठाकर ५ करोड़ अछूतों को हजम करके मुसलमानों की जनसँख्या को हिन्दुस्थान में बढ़ाना.
इस इतिहास और इसके जैसे न जाने कितने बयानों और प्रयासों का ही परिणाम है आज देश के तमाम हिस्सों में फैल रहा मज़हबी उन्माद और कहीं पाकिस्तान समर्थक नारे तो कहीं कश्मीरी के गद्दार मुफ़्ती की तरह देश के एक और विभाजन की मांग ..इस आने वाली घोरतम विपदा को टालने के लिए ही राष्ट्रनिर्माण संस्था के अध्यक्ष श्री सुरेश चव्हाणके जी ने 1947 से रची जा रही इस साजिश को न सिर्फ बेनकाब करने अपितु ऐसे मंसूबे वालों को धूल चटाने के उद्देश्य से मांग कर रहे जनसँख्या नियंत्रण कानून की ..बनिये उनके प्रयासों के हमराह और देश की कीजिये रक्षा क्योकि ये धरती हमारे पुरखों की दी गयी थाती है हमें …

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