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3 साल से जेल में बंद UP पुलिस सब इंस्पेक्टर शैलेन्द्र सिंह की बेटियों की पढ़ाई के लिए श्री सुरेश चव्हाणके जी ने दिए 16 हजार रूपये.. तंगी के चलते स्कूल से कट चुके थे नाम

इन बेटियों के पिता का मात्र इतना दोष था कि उसने अपनी जान बचा ली उस हथियार से जिसको सरकार ने उसे समाज की रक्षा के लिए दे रखा था. एक सब इंस्पेक्टर को घेर कर कैमरे के आगे दर्जनों लोग मार रहे थे और उसके मुह से बार बार यही निकल रहा था कि पीछे हट जाओ , मत मारो .. उसको अदालत के कैम्पस से मारते हुए बाइक स्टैंड तक लाया गया और जब उसको लगा कि अब प्राण बचने मुश्किल है तो उसने उस हथियार को निकाला जिसको सरकार ने उसे पूरे अधिकार के साथ दे रखा है . वो हथियार वहां प्रयोग होना था जहाँ कहीं किसी निरपराध के प्राण कहते में हों .. यहाँ तो उसके खुद के प्राण खतरे में थे ..

फिर एक गोली की आवाज आती है और नबी अहमद नाम का एक व्यक्ति जमीन में गिर जाता है , वो नबी अहमद जिसके ऊपर पहले से आधे दर्जन से ज्यादा केस अदालत में चल रहे थे . कहीं से भी ये नहीं दिखता कि गोली सब इंस्पेक्टर शैलेन्द्र सिंह ने ही चलाई थी लेकिन फिर मचा था शोर और वो शोर इलाहाबाद की कचेहरी से निकल कर लखनऊ तक गया जहाँ से दिल्ली तक इसकी गूँज गयी .. मोब लिंचिंग के खिलाफ कड़े कानून की मांग करने वाले यही राजनेता उस समय इलाहाबाद के शंकरगढ़ थाने की नारीबारी पुलिस चौकी के इंचार्ज शैलेन्द्र सिंह के लिए कड़ी सजा मांग रहे थे .. जबकि सब देख सकते हैं कि उस समय दर्जनों हमलावरों से घिरा अकेला सब इंस्पेक्टर शैलेन्द्र सिंह मोब लिंचिंग का ही शिकार हो रहा था जिसका नेतृत्व नबी अहमद कर रहा था ..

उसके बाद से आज तक लगभग 4 वर्ष होने वाले हैं और इस बीच सब इंस्पेक्टर शैलेन्द्र सिंह के माता पिता की मृत्यु हो गयी . वो उनकी चिता को आग भी नहीं दे पाया कि उसका एक छोटा भाई इसी के चलते पागल हो गया .. फिर उनकी पैरवी करता उनका साला भी एक एक्सीडेंट में सदा के लिए चला गया और उसी  दुःख में सब इंस्पेक्टर की सास भी चल बसी .. एक पूरा परिवार ही खत्म हो गया और अब सब इंस्पेक्टर शैलेन्द्र सिंह की धर्मपत्नी सपना सिंह अपने अकेले बचे पिता के साथ उनके ही घर पर अपनी 2 बेटियों इशिता सिंह और सौम्या सिंह के साथ रहती हैं . इशिता कक्षा 2 में पढ़ती है और सौम्या अभी नर्सरी में थी ..

सौम्य ने तो अपने पिता को ठीक से देखा भी नहीं है क्योकि उसके जन्म से कुछ दिन बाद ही सब इंस्पेक्टर शैलेन्द्र सिंह जेल चले गये थे . इनके परिवार में एक एक कर के इतनी मौतें होने के बाद पड़ोसियों ने शैलेन्द्र सिंह की जमीन जायदाद भी कब्जा कर लिया और इनकी पत्नी ने अपने अंतिम गहने आदि तक बेच कर अपने पति का केस लड़ा .. पर धीरे धीरे सब खत्म होता गया , पैसा भी और उम्मीद भी .. शैलेन्द सिंह जेल से नहीं निकल पाया और उनकी दोनों बेटियों की पढ़ाई पर संकट आ गया. अब उनके घर के आर्थिक हालात ऐसे हो चुके थे कि उन बेटियों के नाम तक कटने की नौबत आ चुकी थी जो बेटी बचाओ बेटी पढाओ के नारे देने वाली केंद्र और राज्य सरकार के लिए किसी बड़े सवाल से कम नहीं था.. लगभग 4 साल से जेल में बंद up पुलिस का सब इंस्पेक्टर शैलेन्द्र सिंह ये सब कुछ अपनी आँखों से देख रहा था लेकिन सिवाय जेल की सलाखों पर सर पटकने और आंसू बहाने के अतिरिक्त वो कुछ भी नहीं कर सकता था .

लगभग 6 माह पहले सुदर्शन न्यूज के प्रधान सम्पादक श्री सुरेश चव्हाणके जी ये समाज के रक्षक एक वर्दी वाले की ये हालत जानी तो सबसे पहले सुदर्शन न्यूज के स्टाफ को निर्देश देते हुए शैलेन्द्र सिंह के घर भेज कर उनकी पत्नी को यथासम्भव आर्थिक सहयोग किया फिर वही स्टाफ रायबरेली जेल जहाँ सब इंस्पेक्टर इस समय बंद है , वहां तक जा कर जेल में बंद सब इंस्पेक्टर शैलेन्द्र से से मिल कर उनको हिम्मत और ढाढस बंधाया .. जेल में मिले स्टाफ से शैलेन्द सिंह फूट फूट कर रोया और बार बार कहता रहा कि वो निर्दोष है .. लेकिन वो आवाजें और चीखें केवल जेल की चारदीवारी में घुट कर दम तोड़ रही हैं .

इस बीच एक बार फिर श्री सुरेश चव्हाणके जी को जानकारी हुई कि सब इंस्पेक्टर की २ बेटियों की पढ़ाई उनके परिवार वाले करवाने में अब सक्षम नहीं हैं और वो बेटियों के नाम कटवा चुके हैं तंगी के चलते क्योकि उसके पास इस समय खाने और पेट तक भरना एक बड़ी चुनौती है तो सुरेश चव्हाणके जी ने तत्काल ही इस मामले में अपनी नैतिक जिम्मेदारी को समझा और दोनों बच्चियों की फीस का पूरा पैसा लगभग 16 हजार रूपये स्कूल के नाम से चेक बनवा कर भेजा . साथ ही इंस्पेक्टर शैलेन्द्र की पत्नी को पूरा आश्वासन दिया कि उनकी बेटियों की पूरी पढ़ाई का खर्च वो ही तब तक उठाएंगे जब तक उनका पिता ससम्मान जेल से बाहर निकल पर अपनी वर्दी नहीं पा जाता .. इतना ही नहीं , सुरेश चव्हाणके जी ने उन बेटियों को और उनकी पत्नी उनके पिता के लिए चल रही कानूनी लड़ाई में भी हर प्रकार से सहयोग देने का वचन दिया .. बेहद ही भावुक पलों में सब इंस्पेक्टर शैलेन्द्र सिंह की पत्नी सपना सिंह जी ने सुदर्शन न्यूज चैनल के प्रधान सम्पादक श्री सुरेश चव्हाणके जी को अपना बड़ा भाई बोलते हुए धन्यवाद दिया है और उनके पिता ने इन्हें अपना बेटा बोलते हुए आशीर्वाद..   सुदर्शन न्यूज आगे भी संकल्प लेता है समाज की रक्षा करते हुए अन्याय, तुष्टिकरण के शिकार अन्य सभी पुलिसकर्मियों का साथ और सहयोग देने का .

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