दारा सिंह की माँ को आतंकी की माँ कहने वाला मीडिया का एक वर्ग ले रहा संसार के सबसे बड़े आतंकी ओसामा के परिवार का भावनात्मक इन्टरव्यू

दारा सिंह पैसे वाला नहीं था और दूसरा वो हिन्दू था .. उसने जो भी कदम उठाया था वो अपने धर्म के लगातार अपमान और धर्मांतरण से उठाया था इसको सुप्रीम कोर्ट भी मान चुका है कि दारा सिंह द्वारा किया गया कार्य धर्म के प्रति उसके झुकाव को ले कर था . .. लेकिन उसके बाद उसके परिवार की दुर्गति कर दी गयी पहले तो सत्ता और प्रशासन द्वारा और उसके बाद मीडिया के द्वारा .. भले ही आज कहीं कहीं हिन्दू और हिंदुत्व की चर्चाएँ हो जाती हैं लेकिन उस समय तो सिर्फ और सिर्फ धर्मनिरपेक्षता की बात होती थी और हिन्दू समाज में जो उसमे हां में हां नहीं मिलाता था उसको घोषित कर दिया जाता था साम्प्रदायिक .. 

ज्ञात हो कि लगभग 20 साल से जेल में ईसाई पादरी के पूरे परिवार को जला कर बंद दारा सिंह के लिए अगर पुराने समय के अख़बार आदि पड़े हों तो उसमे उनकी माता को आतंकी की माँ और पिता को हत्यारे का पिता कह कर सम्बोधित करते हुए दारा सिंह को इंसान के वेश में राक्षस की संज्ञा दी जाती थी . मामला था धर्मांतरण के लिए कुख्यात मिशनरी ग्रैहम स्टेंस के परिवार को खत्म कर देने का . धर्मनिरपेक्षता के स्वघोषित सिद्धांत कुछ ऐसे निभाये गये कि अपने माता पिता की मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार तक में नहीं जाने दिया गया दारा सिंह को 20 साल में कई जेलें बदली गयी जिस से ज्यादा से ज्यादा तंग किया जा सके उसको ..

लेकिन अब मीडिया का वही वर्ग ले रहा है संसार के सबसे बड़े और दुर्दांत आतंकी ओसामा बिन लादेन के परिवार का इंटरवियू .. ये वो आतंकी है जिसके हाथ एक ही नहीं बल्कि लगभग संसार के हर देश के नागरिको से रंगे हैं .. सरो को काट कर वीडियो बनाना और चौराहों पर फांसी देना अदि इस आतंकी का प्रमुख कार्य था . अब उसके परिवार का प्रेम और सौहार्द के माहौल में लिया जा रहा इंटरवियु जिसमे उसके परिवार वालों को डरा , सहमा और शोषित दिखाया जा रहा है .. हैरानी की बात ये है कि कभी संसार के लिए डर का कारण रहा और आज भी जिस अल कायदा से संसार की मानवता को खतरा है वो परिवार किसी से डरा हुआ है .. तथाकथित सेकुलर मीडिया के उस वर्ग के अनुसार ..

ये इंटरवियु चल रहा है ओसामा बिन की माँ का .. इनका नाम है आलिया और इन्हें खोज निकाला गया है दया , करुना , ममता का प्रतीक बना कर .. ये इंटरवियु चल रहा गार्जियन पर जिसे कई अन्य भी प्रकाशित कर रहे हैं अपने धर्मनिरपेक्षता के कर्तव्य मान कर .. आलिया ने बताया कि उन्‍होंने बिन लादेन को अंतिम बार 1999 में अफगानिस्‍तान में देखा था. तब तक वह खूंखार आतंकी बन चुका था. उस समय वह सोवियत सेनाओं से लड़ रहा था. जब मुझे पता चला कि मेरा बेटा जिहादी लड़ाका बन गया है यह सुनकर मैं काफी परेशान हो गई थी. यद्दपि इन्होने अपने बेटे के चरम समय में खुद को चमकाया भी था ओसामा की माँ बता कर .. 

आलिया ने बताया कि जब अमेरिका पर हमला हुआ तो मुझसे और परिवार के अन्‍य सदस्‍यों को भी जांच का सामना करना पड़ा था. सऊदी अरब में रहने के बाद भी हमारे लिए मुश्किलें बढ़ गई थीं. हमारे कहीं भी आने-जाने पर पाबंदी लगा दी गई थी. हमें तब तक पता चल चुका था कि 2001 के उस हमले में लादेन का नाम आया है.तब से उनका परिवार डरा सा रहने लगा था .. आलिया ने बताया कि लादेन के जन्म के कुछ समय बाद ही उन्होंने अपने पति से तलाक लेकर दूसरी शादी कर ली थी. हालांकि घानेम का अपना अब अलग एक परिवार है लेकिन आज भी ओसामा को याद करके उनकी आंखें नम हो गईं. उन्होंने कहा कि लादेन उनसे बहुत प्यार करता था. एक दुर्दंत्तम आतंकी के लिए आँखे नम करने वाली  आलिया को जिस प्रकार से मानवता और ममता की निशानी बना कर परोसा जा रहा वो अपने आप में मीडिया के एक वर्ग की सोच का बहुत बड़ा प्रमाण है .. 

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