भाजपा के तमाम आक्रामक बयानों के बाद बंगाल छोड़ नया ठिकाना बना रहे बौद्धों के हत्यारे… सतर्क हुई सुरक्षा एजेंसियां

ममता शासित पश्चिम बंगाल में शरण पाए हुए म्यांमार में बौद्धों तथा हिन्दुओं के हत्यारे रोहिंग्या घुसपैठियों के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी के आक्रामक बयानों तथा बंगाल की जनता का भाजपा के प्रति बढ़ते झुकाव को देखते हुए ये रोहिंग्या अब बंगाल छोड़ने लगे हैं तथा आपने लिए नया ठिकाना ढूँढ रहे हैं. प्राप्त हुई खबर के मुताबिक़, बांग्लादेश की सीमा से सटे पश्चिम बंगाल से बड़े पैमाने पर अवैध रोहिंग्या मुसलमान हाल ही में बाढ़ प्रभावित केरल के लिए पलायन कर रहे हैं. रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स की ओर से इस बारे में जारी की गई एक रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया गया है. शनिवार को हावड़ा में आरपीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी पुष्टि की.

अधिकारी ने बताया कि देशभर में रोहिंग्या मुसलमानों की आवाजाही पर की गई निगरानी के बाद इस बात की जानकारी मिली है कि पश्चिम बंगाल और सीमावर्ती राज्यों से खुलने वाली 14 ट्रेनों में बड़े पैमाने पर रोहिंग्या केरल और तमिलनाडु समेत दक्षिण भारत के अन्य राज्यों में जा रहे हैं. सबसे अधिक हावड़ा, संतरागाछी, सिलचर और गुवाहाटी से खुलने वाली ट्रेनों के जरिए अवैध घुसपैठिए हाल ही में बाढ़ से प्रभावित हुए केरला में जा रहे हैं. गुवाहाटी के अलावा कन्याकुमारी, त्रिवेंद्रम सेंट्रल और चेन्नई स्टेशन से भी खुलने वाली दक्षिण भारत की ट्रेनों में ये लोग केरल और तमिलनाडु पहुंच रहे हैं. दरअसल बाढ़ प्रभावित होने के बाद इन दोनों राज्यों का अधिकतर क्षेत्र पूरी तरह से जन शून्य हो गया है. इन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोहिंग्या शरणार्थियों को बसाने के लिए देश भर के कई कट्टर मुस्लिम संगठनों ने मिलकर यह रणनीति बनाई है.

आरपीएफ की ओर से सूचना मिलने के बाद केरल और तमिलनाडु की पुलिस के अलावा केंद्रीय खुफिया विभाग इसे रोकने में बड़े पैमाने पर सक्रिय हो गया है. आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे कहीं भी, किसी भी ट्रेन में अगर किसी भी रोहिंग्या को देखते हैं तो तुरंत इसकी सूचना ऑन ड्यूटी आरपीएफ को दें ताकि जरूरी कानूनी कार्रवाई की जा सके. ये भी आशंका जताई गयी है कि काफी संख्या में रोहिंग्या केरल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुँच भी चुके हैं तथा अपना आवास बना लिया है.

Share This Post

Leave a Reply