मृत परिजन के कुकृत्यो पर शर्मिंदा होने के बजाय बेशर्मी पर उतरा साधुओं के हत्यारों का परिवार. अब ऊँगली उठा रहा अलीगढ़ पुलिस के शौर्य पर एक बार फिर से कमजोर किया जा रहा पुलिस का मनोबल .

ये देश अभी शोक मना रहा है सीमा पर बर्बरता से मारे गये BSF जवान की हत्या का . हर तरफ मांग हो रही है कि आतंकियों और शांति के दुश्मनों के साथ जितना कड़ा व्यवहार हो सके किया जाय .. उधर देश की सीमा के अन्दर एक के बाद एक मन्दिर के साधुओ की हत्याएं शुरू हो गयी जिसके बाद जनता बड़ी उम्मीद से पुलिस की तरफ देख रही थी और जनता की उन उम्मीदों को गहराई से समझा था उत्तर प्रदेश पुलिस ने . पूरे प्रदेश की पुलिस ने अथक परिश्रम किया , जी तोड़ मेहनत की और आख़िरकार अलीगढ की पुलिस को वो सुराग मिल गया जिसका सीधा सम्बन्ध न सिर्फ प्रदेश और देश की सुरक्षा से था बल्कि करोडो हिन्दुओ की भावनाओं से भी था .

इस मामले में सबसे हैरान कर देने वाला पहलू ये रहा कि मन्दिरों के साधुओ की हत्या करने के मामले जो तथाकथित बुद्धिजीवी उत्तर प्रदेश पुलिस पर कार्यवाही न करने का आरोप लगा रहे थे अब वही उतर गये हैं उत्तर प्रदेश पुलिस के खिलाफ और कार्यवाही क्यों कर डाली इस पर खड़े कर रहे हैं सवाल . सबसे ख़ास ये रहा कि साधुओ की हत्या करने वाले हत्यारों का परिवार भी अपने मारे गये परिजनों के कुकृत्यो पर शर्मिंदा होने के बजाय पुलिस के खिलाफ बयानबाजी पर उतर गया है . यद्दपि इस प्रकार के शोर शराबे का जनता पर कोई असर नहीं होता दिख रहा है क्योकि वो मन से अलीगढ़ पुलिस को धन्यवाद दे रही है दोनों दुर्दांत अपराधियों को उनके अंजाम तक पहुचाने के लिए .

ज्ञात हो कि उत्तर प्रदेश की अलीगढ़ पुलिस ने छहवीभत्स  हत्याओं के मामले में दो वांटेड का गुरुवार को आमने सामने हुई मुठभेड़ में ढेर कर दिया . इन दोनों अपराधियों में 25 साल का मुस्तकीम और 22 साल का नौशाद शामिल है इन दोनों के सर पर 25,000 रुपये का इनाम था. इन दोनों के एनकाउंटर का वीडियो भी अब सामने आया है जिसमे पुलिस को इन हत्यारों से जूझते देखा जा सकता है . . लेकिन अचानक ही इन दोनों के परिजनों ने पुलिस के खिलाफ हल्ला बोलते हुए बताया कि पुलिस ने इन दोनों को भैंसपाडा घर से उठाया था. हद तो ये है कि इन दोनों में से एक के परिजन तो अपने कथित हत्यारे बेटे को नाबालिग साबित करने पर तुले हैं . सत्य से कोसो दूर दिख रहे इस आरोप को लगाने के लिए एक वृद्धा को आगे किया गया है जो मुस्तकीम की दादी रफीकान हैं . उन्होंने अब दावा किया कि रविवार को दोपहर करीब 2.30 बजे पुलिस उनके घर पर आई और उन्होंने दोनों को उठा लिया. वहीं नौशाद की मां का कहना है कि हम इस मामले में पुलिस के खिलाफ केस करेंगे, हमारे साथ अन्याय हुआ है. वहीं एसपी सिटी अतुल कुमार श्रीवास्तव ने घर से उठाने वाले दावे को सिरे से खारिज किया है. यद्दपि रफिकन ने ये नहीं बताया कि पुलिस की लिस्ट में वांटेड और इनामी होने के बाद भी वो दोनों घर पर कैसे थे ?

पुलिस के अनुसार छह हत्याओं के चलते पांच व्यक्तियों पर मामला दर्ज हुआ था. जिसमें तीन, नौशाद, मु्स्तकीन और अफसार भाग निकले थे. मुस्तकीन और नौशाद ने बुधवार को क्वारसी पुलिस स्टेशन एरिया से मोबाइल और बाइक चुराई थी. पुलिस उनकी तलाश कर रही थी. गुरुवार को सुबह करीब 6 बजे जब दोनों हरदाऊगंज जा रहे थे तभी पुलिस ने दोनों घेर लिया. जिसके बाद दोनों ने फायरिंग चालू कर दी. जिसके बाद दोनों ओर से फायरिंग में वे घायल हो गए. जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. पुलिस के अनुसार इस मुठभेड़ में पाली मुकीमपुर पुलिस स्टेशन का इंस्पेेक्टर प्रदीप कुमार घायल हो गए. पुलिस का कहना है कि मुस्तकीम और नौशाद कॉन्ट्रैक्ट किलर थे.

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