कट्टरपंथ को चुनौती दे रही है पोल डांसर आरिफा . बहुत लम्बी है इनके प्रशंसकों की लिस्ट

जहाँ एक तरफ कट्टरपंथी लगभग मुक्त जीवन से जुड़े हर मामले में कहीं न कहीं मज़हबी रंग दे कर अपनी टांग भी अड़ा रहे है और सत्ता और अदालत तक को चुनौती देने से भी बाज़ नहीं आ रहे हैं वही भारत में कई ऐसे भी चेहरे हैं जो इस कट्टरपंथ और उसको फैला रहे तमाम लोगों की जुबान पर ताले लगा कर उन्हें खामोश कर रहे हैं . आईये मिलाते हैं आप को उन्ही तमाम शख्सियतों में से एक से . 

ज्ञात हो कि जहाँ एक तरफ भारत में तीन तलाक को लेकर लगातार बहस का माहौल बना हुआ है वहीँ उसके ही  बीच मुंबई में रहने वाली एक  मुस्लिम महिला है जो एक पोल डांसर है और खटकती रहती है मज़हबी कट्टरपंथ की नजर में . इनका नाम है आरिफा  जो एक प्रोफेशनल पोल डांसर हैं। आरिफा ने अभी हाल ही में कुछ महीने पहले एक चर्चित यूट्यूब चैनल पर अपनी संघर्ष की पूरी कहानी बताई थी। खुद आरिफा के अनुसार अगर उनकी मां नफीसा उनका साथ न देती तो वो कभी पोल डांसर नहीं बन पातीं।

आरिफा के अनुसार, पोल डांस एक आर्ट और मेरा खुद का पैशन है ..  पोल डांसर के लिए पोल डांस का मतलब होता है दिल खोलकर उड़ना। आरिफा के ही मुताबिक वो जब भी डांस करती हैं तो खुद को मुक्त मानती हैं . आरिफा का मानना है कि समाज में खराब माने जाने वाला पोल डांस लड़कियों की आजादी का प्रतीक है। ये सभी लड़कियों को समाज के नजरिये से आजाद करता है। आरिफा की बॉडी ही उनकी बेस्टफ्रेंड है। इतना ही नहीं आरिफा मुंबई में लड़कियों को पोल डांस भी सिखाती है। 

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